मनकापुर राज

मनकापुर के इतिहास की निश्चित तारीख का पता लगाना असंभव है पहले यह क्षेत्र थारुओ के कब्जे में था । ग्यारहवी शताब्दी में भरों ने थारुओ को मार भगाया और मक्का अथवा मानिक नामक व्यक्ति यहाँ का मुखिया बन बैठा । उसने यहाँ के जंगलो को साफ़ करवाया और अपने नाम पर मनकापुर गाँव बसाया । उसने मनकापुर को अपना मुख्यालय बनाया । उसकी छः पुष्तो ने यहाँ राज किया । सन 1141 ई में दिल्ली के सुल्तान ने उग्रसेन डोम को यह क्षेत्र बतौर जागीर दिया । सुल्तान पुर के सूबेदार राय जगत सिंह ने इसे युद्ध में मार डाला । तथा जगत सिंह के सेना में रिसालदार नेवल शाह ने डोम राजा के सेनापति रामा भर को युद्ध में हराया । और मनकापुर पर अधिकार कर लिया । इनके बारह पुश्तो ने यहाँ राज किया । प्रताप सिंह बारहवे उत्तराधिकारी थे । वे नि :संतान थे । प्रताप सिंह की माँ ने गोंडा के बिसेन राजा दत्त सिंह के पुत्र अजमत सिंह को गोद लिया । तब से मनकापुर में बिसेन राज्य स्थापित हुआ । इस समय मनकापुर के वर्तमान राजा आनंद सिंह है । इनके प्रयासों से मनकापुर में आई०टी०आई० और नवोदय विद्दयालय की स्थापना हुई ।

बलरामपुर राज

बलरामपुर का नाम रामगढ़ गौरी था । इसका नाम बलरामपुर राजा माधव सिंह के पुत्र बलराम शाह के नाम पर पड़ा। बलरामपुर जनवार वंश का राजनीति केंद्र रहा । यहाँ पर जनवार वंश का शासन था । जिसकी स्थापना राजा बरियार शाह ने 1325 में की थी । तब से लेकर आज तक यहाँ बनवार शासक के वंशज ही उतराधिकारी रहे । इस राज में बहुत से ही राजा हुए । जिसमे महाराजा दिग्विजय सिंह ,महारानी इन्द्र कुँवरी ,महारानी जयपाल कुँवरी ,महाराजा भगवती प्रसाद सिंह ,महाराजा पाटेश्वरी प्रसाद सिंह प्रमुख शासक रहे । वर्तमान में बलरामपुर के राजा धर्मेन्द्र प्रसाद जी है । जिन्होंने बलरामपुर के लिए बहुत से काम किये है ।

शाहपुर तालुका

अनूप सिंह के पुत्र केसर सिंह शाहपुर तालुके के उत्तराधिकारी थे । इनके सातवे वंशज रघुनाथ सिंह ने बहराइच जनपद में जरवल के सैयदो के कई गाँव जीत कर अपने कब्जे में कर लिया । रघुराज सिंह के पुत्र मृत्युंजय बख्श सिंह इस तालुके के स्वामी हुए । इनके किले में बहुत सी टोपे थी । तथा महल के चारो ओर खाई था । राजा रघुराज सिंह अंग्रेजी शासन का विरोध करते थे । इनकी मृत्यु के बाद नागेश्वर बख्श सिंह उत्तराधिकारी बने । सन 1900 ई० में इस तालुके का क्षेत्रफल 20527 एवं राजस्व 24568 रुपये था ।

रानीपुर तालुका

रानीपुर तालुके पर महन्थ हरचरण दास का कब्ज़ा था । महन्थ हरचरण दास को यह सम्पति महन्थ गुरनारायण दास से प्राप्त हुई थी । 57 गाँवों का क्षेत्रफल 26795.41 एकड़ था । जिसका राजस्व 21101 रुपये था ।